ग्रेट : भारत का सबसे बड़ा शातिर चोर जज की कुर्सी पर बैठकर 3 महीने तक करता रहा फैसला
न्यायाधीश (Judge) उस व्यक्ति को कहते हैं जो अकेले या अन्य लोगों के साथ सम्मिलित रूप से किसी न्यायालय की कार्यवाही की अध्यक्षता करे। उसका कार्य गवाहों के वक्तव्य सुनना, प्रस्तुत किये गये गये साक्ष्यों की परख करना, दोनो पक्षों की दलीलें सुनना और अन्त में निर्णय देना होता है। न्यायधीश का कर्त्तव्य है कि वह निष्पक्ष होकर निर्णय करे और न्यायालय की कार्यवाई को खुला बनाये रखे। धनी राम मित्तल, यह नाम शायद आपने भी सुना हो, क्योंकि इसे हिंदुस्तान का सबसे शातिर चोर माना जाता है। एक ऐसा चोर, जो धोखाधड़ी से दो महीने तक जज की कुर्सी पर बैठकर फैसला सुनाता रहा। अब ऐसे चोर को शातिर दिमाग नहीं कहेंगे तो और क्या कहेंगे। तो चलिए इस चोर के बारे में कुछ खास बातें जान लेते हैं। कहते हैं कि धनी राम मित्तल ने 25 साल की उम्र में ही चोरी को अपने पेशा बना लिया था। साल 1964 में उसे पहली बार चोरी करते पुलिस ने पकड़ा था। फिलहाल उसकी उम्र करीब 80 साल हो चुकी है। हालांकि अब किसी को भी नहीं पता कि यह चोर कहां है और कैसा है? कहा जाता है कि चोरी के इतिहास में सबसे ज्यादा बार गिरफ्तार किया जाने वाले यह पहला और...
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